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जानाजी मन्दिर
मेड़ता डेगाणा रोड़ पर पालियावास गांव से 6 कि.मी. दूर आच्‍छोछाई तथा पालड़ी गांव से पहले इतिहास प्रसिद्ध जनमेजय का मंदिर हैं। परीक्षित के पुत्र जनमेजय ने सर्प यज्ञ करने के बाद प्रायश्चित स्‍वरूप इसी पहाड़ी पर तपस्‍या की थी। अपने गुरूजनों की आज्ञा शिरोधार्य करते हुए जनमेजय को विश्‍व भ्रमण के दौरान इसी पहाड़ी पर मोक्ष प्राप्‍त हुआ था। कहते है कि विश्‍व भर में(पूर्व से पश्चिम उत्तर कि तरफ यही अकले पहाड़ी है बाकि सारी पर्वतमालाएं उत्तर से दक्षिण की तरफ ही हैं। इस मंदिर में जनमेजय की मूर्ति स्‍थपित हैं, तथा पास ही शिव लिंग स्‍थपित है जो देखने से ही हजारों वर्ष प्रचीन लग रहा हैं। मंदिर पहाड़ी की तलहटी में बना हुआ है जबकी पहाड़ी के उपर जनमेजय महारज का तपस्‍या स्‍थल एवं गुफा बनी हुई हैं1 मंदिर के पास ही यात्रियों के ठहरने के धर्मशाला तथा पानी के स्‍टेण्‍ड बने हुऐ हैं। वर्तमान में मंदिर के पुजारी जयराम गिरीजी महाराज है जिनका जन्‍म स्‍थान पुलोता हैं। वर्षो पहले इसी स्‍‍थान पर साधनरत एक स्‍वामीजी ने महाराजधीरज जोधपुर को अपना चमत्‍कार दिखाया था। कहते है करीब तीन सौ वर्ष पहले म‍ंदिर के आस पास के क्षेत्र में स्‍वामीजी महाराज के घोड़े चरते थे। जन शिकायत पर महाराजाधिराज ने इस जगह से स्‍वामीजी को घोड़े हटाने का आदेश‍ दिया था। बारंबार निवेदन करने पर भी महाराजाधिराज ने स्‍वामीजी का अनुरोध स्‍वीकार नहीं किया तथा कहा कि आपके घोड़ो के चरने से प्रजा को परेशानी होती है उनकी फसले खराब होती हैं। स्‍वामीजी ने कहा कोई बात नहीं आज से इस जगह फसल होगी ही नहीं। जनश्रुति अनुसार करीब तीन सो वर्ष हो गये और हजारो बीघा जमीन में आज तक अनाज तो क्‍या घास फूस का तिनका भी पैदा नही होती हैं। स्‍वामीजी ने इसी जगह समाधिली थी उनकी यादगार को स्‍थाई बनाने हेतु मंदिर के पास ही उनकी समाधि है। इसी मंदिर के पास एक छोटी तलाई है जो वर्ष में भरने वाले मेले के लिए पर्याप्‍त है पानी से युक्‍त है। कहते है इसी स्‍थान के आसपास पालड़ी के निकट जनमेजय के यज्ञ में तीर्थो से अवशिष्‍ट जल कलश में रख कर वहां ही गाड़ दिया गया था, इसी वजह से यहां खार जमता है, घास फूस नहीं होता है। सं. 2048 को इसी स्‍थान पर स्‍वामी चेतनगिरी महाराज ने समाधि ली थी।चेतनगिरी महाराज के अथक प्रयत्‍न से ही इस क्षेत्र में विशेष कार्य हुआ है, आपके ही प्रयत्‍नों से यहां वर्ष में एक बार विशाल मेला लगता है।
   
 

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