Pareek Gaurav
 
 

 
Home > Pareek Gaurav > Up to 19th Century > Chenaram Ji Tiwari
 
 
तिवाड़ी चेनारामजी
लेखक के पूर्वज तिवाड़ी चेनारामजी (खण्‍डेला) परम भक्‍त हुये हैं। बचपन से ही वे भक्तिभाव में लीन रहते थे। बाल्‍यकाल में ही अपनी भक्ति के कारण वे आसपास के क्षेत्र में "चेना बाबा" के नाम से प्रसिद्ध हो गये थे। दीन दुखियों की मदद करना मानों उनके स्‍वभाव में ही था। भक्तिभाव की ओर ज्‍यादा झुकाव देख घरवालों ने आपकी शादी बाल्‍यकाल में ही कर दी। आपके गणेशरामजी पुत्र हुये।
गृहस्‍थ में रहते हुए भी आप सदैव भगवद् भक्ति में लीन रहते थे। आपकी तपस्‍थली ग्राम खण्‍डेला में स्थित "मूनंका की बावड़ी" थी जहां वे रहते थे। दिन में एक बार घर भोजन करने को आते थे। दिन भर में एक रोटी एक लोटा पानी एक ही बार पीते थे तथा अंगवस्‍त्र भी एक ही धारण करते थे। तथा एक ही वस्‍त्र का औढ़ना बिछौना था।
कुछ समय पूर्व तक उक्‍त "मूनंका की बावड़ी" में चेनारामजी का किसी चित्रकार द्वारा बनाया चित्र भी था।
 
 

Designed By: Manoj Pareek & Vikash Pareek (ARK Web Solution) Copyright ® 2010. PareekPariwar.org  
Home | Pareek Vansh Parichay | Vyaktigat Parichay | Events | Feedback | Contact Us | Privacy Policy | Sitemap