1. बच्छस, 2. कौशिक, 3. गौतम, 4. वशिष्ठ, 5. गर्गस, 6. भारद्वाज, 7. कश्यप इत्यादि। इन्हीं के वंशज 103 हुए, उन्हीं से पारीकों की 103 खांप व नख कहलाये। जो भी हो इन रावों के लेखों के अनुसार बच्छस (वत्स ऋषि के कंथड़ ऋषि हुए) श्री परमब्रह्म से लगाकर शुकदेव तक ये लोग 32 पीढ़ी बताते हैं। बच्छस 33वें हुए। तो इस हिसाब से कंथड़ व कंथडेश्वर 34 पीढ़ी में मिलते हैं क्योंकि ये बच्छस के पुत्र माने गये हैं।